मैं श्री आदिनाथ भगवान की भक्ति करते हुए अहोभावपूर्वक 10 March 2026 को वर्षीतप आराधना के लिए विधिपूर्वक प्रसाद ग्रहण करके 10 March से वर्षीतप हेतु उपवास तप का एकान्तर शुरू करने की भावना रखता/रखती हूँ। देव गुरू की कृपा से मेरा वर्षीतप निराबाध पूर्ण हो एवं मैं पारणोत्सव पर अक्षय तृतीया 2027 को आचार्य भगवंत श्री आनंदऋषिजी म.सा. की जन्मभूमि पर आने की भावना रखता/ रखती हूँ।
आवेदन पत्र स्वीकृति का निर्णय समिति का ही होगा।
आपके आवेदन पत्र स्वीकृत होने पर व्हाट्सएप या दूरभाष के द्वारा स्वीकृति प्रदान की जाएगी।
हर आराधक को नियमित रूप से तप दौरान जाप आराधना क्रियाएँ करना अनिवार्य है।