गुरुदेव ऋषि प्रवीण जी के साथ चलिए – बनिए अर्हम
अर्हम: एक मंत्र, एक चरित्र, हमारे भीतर स्थित परम शक्ति।
कौन प्राप्त कर सकता है अर्हम मंत्र दीक्षा?
अर्हम मंत्र दीक्षा उन सभी के लिए है जो अपने भीतर की शक्ति को जागृत करना चाहते हैं, सकारात्मकता को अपनाना चाहते हैं, और एक आध्यात्मिक रूपांतरण यात्रा के माध्यम से अपने उच्चतम स्वरूप से जुड़ना चाहते हैं।
अर्हम मंत्र दीक्षा के बाद पालन करने योग्य नियम:
1. नियमित ध्यान साधना: अर्हम लॉकेट को प्रतिदिन रंग ध्यान (Color Meditation) के माध्यम से चार्ज करें ताकि इसकी आध्यात्मिक शक्ति बनी रहे।
2. सजग भोजन व्यवहार: ऐसे स्थानों का भोजन न करें जहाँ शाकाहारी और मांसाहारी भोजन साथ में बनता हो।
दिव्य ऊर्जा से जुड़कर शांति, सकारात्मकता और सुरक्षा का अनुभव करें।
अपने भीतर स्थित परम शक्ति से संबंध को सुदृढ़ करें।
नकारात्मकता को छोड़ने और सकारात्मकता को अपनाने की तकनीकें।
एकाग्रता बढ़ाने और अपने वास्तविक सामर्थ्य को पहचानने के उपाय।
1. आपके दैनिक जीवन में आनंद और सकारात्मकता आती है।
2. सही ज्ञान और श्रद्धा के साथ आपका चरित्र मजबूत होता है।
3. ध्यान के माध्यम से आपकी ऊर्जा प्रतिदिन पुनः जागृत होती है।
4. यह दिव्य सुरक्षा और शांत, संतुलित मन प्रदान करता है।
5. आपके भीतर स्थित परम शक्ति को जाग्रत करता है।
जब आप अर्हम को अपनाते हैं, तो केवल एक लॉकेट नहीं पहनते — आप एक आध्यात्मिक रूपांतरण की ऊर्जा धारण करते हैं।
- गुरुदेव